यूरोप में उपद्रव पर मेलोनी का हंटर: नाबालिगों ने की तोड़फोड़ तो माता-पिता भरेंगे हर्जाना, 5 साल तक की जेल का प्रावधान
रोम/मिलान (The Jagran News): यूरोप भर में भड़की हिंसक प्रदर्शनों की आग के बीच इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने उपद्रवियों पर नकेल कसने के लिए अत्यंत सख्त रुख अख्तियार कर लिया है! फ्रांस, अल्बानिया समेत नौ यूरोपीय देशों में महंगाई और बदहाल शिक्षण संस्थानों को लेकर सड़कों पर जारी उग्र विरोध प्रदर्शनों को देखते हुए मेलोनी सरकार ने सुरक्षा नियमों में कड़े संशोधनों का ऐलान कर दिया है।
नए कड़े नियमों के तहत अब हिंसक प्रदर्शनों के दौरान संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों से पाई-पाई वसूली जाएगी। सबसे बड़ा फैसला नाबालिगों को लेकर हुआ है—यदि किसी नाबालिग ने तोड़फोड़ या उपद्रव किया, तो उसके नुकसान की पूरी भरपाई सीधे उसके माता-पिता को करनी होगी।
5 साल की जेल और 20 हजार यूरो जुर्माना सरकार ने हिंसक प्रदर्शनों में शामिल होने को एक अलग गंभीर अपराध की श्रेणी में डाल दिया है। इसके तहत दोषियों को 5 साल तक की जेल और 20 हजार यूरो (करीब 18 लाख रुपये से अधिक) तक का भारी जुर्माना भरना पड़ सकता है। यदि प्रदर्शनकारी चेहरा ढककर हिंसा करते हैं या किसी को घायल करते हैं, तो सजा और भी ज्यादा सख्त कर दी जाएगी।
14 साल से ऊपर के किशोरों को माना जाएगा पूरी तरह जिम्मेदार नए कानूनी प्रावधान के मुताबिक, 14 वर्ष से अधिक उम्र के किशोरों को अपने कृत्य की पूरी समझ रखने वाला माना जाएगा। मेलोनी सरकार ने किशोर सुधार केंद्रों में क्षमता बढ़ाने और किशोर न्याय प्रणाली में जजों की तादाद बढ़ाने की भी घोषणा की है। प्रधानमंत्री मेलोनी ने साफ कहा कि युवाओं का हिंसा, तोड़फोड़ और लूटपाट में शामिल होना कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।